मणिशंकर अय्यर के बयान पर राशिद अल्वी का डैमेज कंट्रोल, ‘कांग्रेस ने अपना स्टैंड किया क्लियर’

Photo of author

नई दिल्ली, 10 मई . कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान को सम्मान करने वाले बयान पर पार्टी के दिग्गज नेता राशिद अल्वी का बयान आया है.

उन्होंने कहा है कि मणिशंकर अय्यर के बयान पर कांग्रेस पार्टी ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है, जब पार्टी कोई स्टैंड क्लियर कर देती है, तो उसी स्टेटमेंट पर पार्टी के कार्यकर्ता आगे बढ़ते हैं. मणिशंकर अय्यर उलझे हुए विद्वान और रिस्पेक्टेड एजुकेटेड इंसान हैं.

बता दें कि मणिशंकर अय्यर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि भारत को पाकिस्तान को सम्मान देना चाहिए, क्योंकि, पाकिस्तान के पास परमाणु बम है. वहीं, कांग्रेस पार्टी ने मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान से किनारा कर लिया है.

से बातचीत में कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा, “राम मंदिर पर कांग्रेस के किसी नेता ने कोई सवाल नहीं उठाया. यह भाजपा की आदत है, खुद ही सवाल उठाते हैं और खुद ही उसका जवाब देते हैं. नरेंद्र मोदी पर पर्सनल अटैक कोई नहीं करता है. पीएम मोदी खुद दूसरे पर अटैक करते हैं. उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू, राजीव गांधी को नहीं छोड़ा. वह सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ रोज बोलते हैं. पीएम मोदी पर कोई अटैक नहीं करता है.”

अरविंद केजरीवाल की ईडी की चार्जशीट पर राशिद अल्वी ने कहा कि कोर्ट का सम्मान करना चाहिए. मैं हमेशा कहता रहा हूं कि भारत में बीजेपी की सरकार को बदले की भावना से किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाना चाहिए है. इस तरह की सरकार हमेशा एक दल की नहीं रहती है. आज आप दूसरों के साथ करेंगे, कल दूसरा आपके साथ करेगा. यह देश इन चीजों के लिए नहीं जाना जाता है. देश के अंदर सबको साथ लेकर चलाना चाहिए.

संविधान खत्म करने की तैयारी पर राशिद अल्वी ने कहा, “आजादी के बाद सबसे ज्यादा बिल मोदी सरकार लाई है. कांग्रेस पर फिर क्यों आरोप लगाए जा रहे हैं. संविधान के साथ खिलवाड़ तो भारतीय जनता पार्टी कर रही है. भारतीय जनता पार्टी में जितने भी गवर्नर हैं, ज्यादातर गवर्नर संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. संविधान को प्रोटेक्ट करने की बजाय भाजपा-आरएसएस को खुश करने के लिए राज्यपाल काम कर रहे हैं.”

राशिद अल्वी ने आगे कहा, “आपातकाल जब लगा था, तब वह दूसरा दौर था, क्या पीएम मोदी पिछली बातों को याद करके वोट मांगना चाहते हैं या अपनी सरकार के परफॉर्मेंस पर वोट मांग रहे हैं. मोदी साहब यह नहीं बता रहे कि वो 2 करोड़ रोजगार क्यों नहीं दे पाए. नहीं बता पाए कि पेट्रोल-डीजल की कीमत हम 30 रुपये कैसे कर देंगे, आज पेट्रोल-डीजल के दाम सभी को पता हैं. इसकी जिम्मेदार कौन है, आज पीएम मोदी ने अपना वादा पूरा नहीं किया है और हर भारतीय के खाते में 15 लाख रुपए भी नहीं दिए गए. प्रधानमंत्री मोदी ने जो वादे किए थे, उस पर चर्चा करनी चाहिए, बजाए इसके, केवल दूसरों पर आक्रमण कर रहे हैं, क्योंकि, उन्होंने 10 सालों में कुछ नहीं किया है, इसलिए, वह समझते हैं कि कांग्रेस को बुरा-भला कहने से वोट पड़ जाएंगे.”

राशिद अल्वी ने कहा, “पीएम मोदी भाजपा के सबसे बड़े नेता हैं और अपनी पार्टी के लिए काफी मेहनत करते हैं. इस बार के चुनाव में भाजपा की बुरी हालत है इसलिए उन्हें ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है.”

एसके/