मंगल और केतु का संयोग प्राकृतिक आपदाओं की स्थितियां बनाएगा

इस बार 25 मई से रोहिणी की शुरुआत होगी, जो 8 जून तक रहेगी. इस बार रोहिणी के दौरान मंगल और केतु का संयोग प्राकृतिक आपदाओं की स्थितियां बनाएगा. इस बीच भीषण गर्मी के अलावा बारिश के योग भी बन रहे हैं. ज्योतिष भाषा में रोहिणी गलेगी. इस योग के चलते कुछ राशि वालों पर इसका बुरा असर भी देखने को मिल सकता है.

दरअसल ज्योतिष में 27 नक्षत्र होते है और प्रत्येक नक्षत्र का अपना भ्रमण काल होता है. इसी दौरान एक नक्षत्र अधिकतम 15 दिन और न्यूनतम 12 से 13 दिनों तक परिक्रमण काल में समय निकालता है. पंडित तुलजाशंकर भट्ट के अनुसार रोहिणी नक्षत्र का वास भी देखा जाता है. वहीं इसका असर नकारात्मक ज्यादा रहेगा.

मंगल के धनु राशि में होने से मंगल-राहु का दृष्टि संबंध बन रहा है, जिसके कारण अंगारक योग निर्मित हो रहा है. अंगारक योग के चलते मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, धनु और कुंभ राशि वालों को थोड़ा संभलकर होगा. अंगारक योग के कारण इन राशि वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं या किसी प्रकार का नुकसान भी हो सकता है. इनके अलावा मेष, कन्या और मकर राशि वालों के लिए समय मिला-जुला रहेगा. जबकि शेष 3 राशियां वृषभ, वृश्चिक और मीन के लिए समय श्रेष्ठ रहेगा.

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