फायर इंजीनियरिंग में बनाये करिअर

अगर आप साहसी हैं और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां निभाना चाहते हैं तो आपके पास फायर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कई संभावनाएं हैं. सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एनवायरनर्मेंटल इंजीनियरिंग जैसे विषयों से तो इसका संबंध होता ही है. आग लगने पर आसपास के लोगों और पीड़ितों के साथ कैसा व्यवहार किया जाए आदि पर भी ध्यान दिया जाता है.
बड़े शहरों में हर दिन सौ से अधिक आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं. फायर इंजीनियरिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आग लगने के प्रकार, आग बुझाने के तरीके, आग बुझाने के उपकरण, आग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है. ये एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आग बुझाने के लिए साहस और सूझबूझ का प्रशिक्षण दिया जाता है. इंजीनियरिंग की बाकी फील्ड की तरह इसमें भी करिअर की अच्छी संभावनाएं हैं. इस क्षेत्र में फायरमैन से लेकर मुख्य अग्निशमन अधिकारी जैसे पदों पर काम किया जा सकता है. देश में अग्नि सुरक्षा बाजार की अनुमानित क्षमता 1150 करोड़ रुपए है और इसमें हर साल 25 फीसदी के हिसाब से वृद्धि हो रही है. इसके कारण अग्नि सुरक्षा पेशेवरों की मांग बढ़ रही है.
नौकरी के मौके
फायर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए नौकरी के अवसर सरकारी और निजी क्षेत्रों में हैं. सरकारी क्षेत्र में स्थानीय निकायों के अग्नि विभाग और बीमा कंपनियों के अलावा रेलवे, सुरक्षा, हवाई अड्डे आदि में उन्हें नियुक्त किया जाता है. औद्योगिकी क्षेत्र में पेट्रोलियम, प्लास्टिक, फर्टिलाइजर, टेक्सटाइल और केमिकल प्लांट्स में भी रोजगार के कई मौजूद हैं. फायर सर्वेयर या रिस्क मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में स्वतंत्र रूप से काम करने का विकल्प भी चुन सकते हैं. विदेशों में भारतीय पेशेवरों की मांग ज्यादा है क्योंकि तेल के कुएं ज्यादा होने के कारण अग्नि दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं. वहीं, विदेशों में फायर इंजीनियर को देश के मुकाबले करीब दोगुने पैकेज पर नियुक्त किया जाता है. यहां शुरुआती पैकेज पांच से छह लाख रुपए सालाना होता है.
फायर इंजीनियर का कार्य
फायर इंजीनियर का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण होता है. इसके लिए साहस के साथ-साथ समाज के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है. फायर इंजीनियर की प्रमुख जिम्मेदारी दुर्घटना के समय आग के प्रभाव को खत्म करना या फिर सीमित करना होता है. हर दिन आगजनी की घटनाएं होती रहती हैं. कभी चलती कार में आग लग जाती है, तो कभी बड़े-बड़े मॉल्स व ऊंची-ऊंची इमारतों में. अगर आग अनियंत्रित हो जाए, तो जान-माल को काफी नुकसान होता है. ऐसी स्थिति में फायर इंजीनियरिंग से जुड़े लोगों की जरूरत होती है, जो आग पर काबू करना अच्छी तरह जानते हैं. फायर इंजीनियर औद्योगिक या रिहायशी इलाकों के लिए तंत्र तैयार करता है जिससे अग्नि दुर्घटनाओं का खतरा कम हो. इसके लिए वास्तुकला या डिजाइनिंग की जानकारी होनी चाहिए. इससे संबंधित पाठ्यक्रम करने वाले छात्रों को अधिक पैकेज दिया जाता है और विकास के मौके भी ज्यादा होते हैं.
वेतनमान – फायर इंजीनियरिंग में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम कर चुके छात्रों का शुरुआती सालाना पैकेज दो से तीन लाख रुपए तक होता है. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने वाले छात्रों का शुरुआती वेतन तीन से चार लाख रुपए तक होता है.

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