ट्रेसिंग, ट्रैकिंग और टेस्टिंग से सुधरे धारावी में हालात · Indias News

ट्रेसिंग, ट्रैकिंग और टेस्टिंग से सुधरे धारावी में हालात

मुंबई.कुछ दिनों पहले तक बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन के लिए चिंता का कारण रहे धारावी के हालात न सिर्फ तेजी से सुधर रहे हैं, बल्कि एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी कहा जानेवाला यह क्षेत्र अब अन्य सघन बस्तियों के लिए मॉडल बनकर उभरा है. ट्रेसिंग, ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटिंग, अर्थात चार-टी के फार्मूले से क्षेत्र में कोविड-19 के मामले दोगुने होने की दर 78 दिनों पर पहुंच गई है, जो कि मुंबई से ठीक दोगुनी है. एक जून से अब तक धारावी में कोरोना से सिर्फ नौ मौतें हुई हैं. नए मामलों की संख्या भी दिन प्रति दिन कम होती जा रही है. एक जून को जहां 34 नए मामले सामने आए थे, वहीं पिछले 24 घंटों में सिर्फ 12 नए मामले सामने आए हैं. धारावी में कोविड-19 से पहली मौत एक अप्रैल को हुई थी. यहां कोविड का पहला मामला भी इसी मौत के रूप में सामने आया था. उसके बाद यहां ग्राफ ऊंचा होना शुरू हुआ, तो अप्रैल माह में ही 12 फीसद की बढ़त हो गई.
अप्रैल में 491 मामले सामने आ चुके थे और मामले दोगुने होने की दर 18 दिन पर पहुंच गई थी लेकिन, बीएमसी द्वारा अपनाए गए चार टी फार्मूले से मामलों के दोगुने होने की दर 78 दिनों पर पहुंच गई है. मई के अंत तक कोरोना के नए मामले मिलने की दर 4.3 फीसद एवं अब तक 1.02 फीसद हो चुकी है. धारावी में अब तक कोरोना के 2,158 मामले सामने आ चुके हैं और 77 मौतें हो चुकी हैं. बीएमसी प्रशासन के लिए धारावी की स्थिति पर नियंत्रण पाना आसान नहीं था. एक वर्ग किलोमीटर में 2,27,136 व्यक्तियों की रिहायश वाले इस क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या सार्वजनिक शौचालयों की है. 100 वर्गफुट के एक छोटे से कमरे में 8 से 10 लोग रहते हैं. यहां की 80 फीसद आबादी सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करती है. इसलिए यहां शारीरिक दूरी एवं घरों में क्वारंटाइन करना संभव नहीं था.
बीएमसी के एक सहायक आयुक्त किरण दिघावकर ने यहां जिम्मेदारी संभालने के बाद धारावी के सर्वाधिक कोरोना प्रभावित इलाकों सोशल नगर, माटुंगा लेबर कैंप, धारावी क्रॉस रोड, 90 फिट रोड और कुंभारवाड़ा आदि में सघन स्क्रीनिंग अभियान चलाया. इसमें सामाजिक संस्थाओं की भी मदद ली गई. इस क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव पाए गए हर व्यक्ति के निकट संपर्क में आए करीब 15 लोगों को क्वारंटाइन किया गया.
इनमें 38,000 लोगों को घरों में तो 8,500 लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन किया गया. धारावी में स्थित तीन छोटे अस्पतालों साईं अस्पताल, फैमिली केयर अस्पताल एवं प्रभात नर्सिंग होम को मिलाकर 100 बिस्तरों का इंतजाम कम गंभीर रोगियों के लिए किया गया. बुजुर्ग एवं गंभीर स्थितिवाले रोगियों को सायन के लोकमान्य तिलक म्यूनिसिपल जनरल अस्पताल एवं परेल के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल में भेजा गया. अब धारावी में रोगियों की संख्या भी कम होने लगी है. धारावी में शनिवार को सिर्फ सात नए मामले सामने आए. यह बीएमसी अधिकारियों का उत्साह बढ़ाने वाला है. कोविड-19 के मामले 30 दिन में दोगुने होना अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है. एक माह पहले मुंबई में यह दर 15 दिन थी, जो अब 43 पर पहुंच चुकी है. मुंबई में कोविड-19 के रोगियों की संख्या 65,000 एवं इससे हुई मौतों की संख्या 3,600 पर पहुंच गई है.

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