जुड़ी हड्डी होने से बंद थी नाक, नहीं ले पाता था श्‍वास

उदयपुर। जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में एक व्यक्ति के नाक का ऑपरेशन किया गया। इसमें खास बात यह थी कि रोगी के नाक के एक हिस्से में हड्डी दूसरी हड्डी से जुड़ी हुई थी। इससे रोगी जन्म से एक तरफ से ही ष्वास ले पाता था। ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. कनिश्क मेहता ने इस तरह के केस दुनिया में कम ही होने का दावा किया है।

ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने बताया कि ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. कनिश्क मेहता को उदयपुर षहर के ही 35 वर्शीय व्यक्ति एक नाक से ष्वास नहीं ले पाने, आए दिन सिर दर्द रहने की शिकायत लेकर परामर्श लेने पहुंचा था। इससे पहले भी यह व्यक्ति अन्य ईएनटी सर्जन के पास परामर्श ले चुका था, लेकिन कहीं भी राहत नहीं मिलने और नाक की हड्डी जुड़ी होने पर बड़ा ऑपरेशन की बात कहीं जा रही थी। यहां विभिन्न जांचों के बाद पता चला कि उसके नाक के एक हिस्से में हड्डी स्पेटम और लेट्रल नेजल वाल आपस में जुड़ी हुई थी। आम तौर पर इन दोनों के बीच चमड़ी आपस में जुड़ जाती है, लेकिन इस मामले में हड्डी आपस में जुड़ी होने से यह रोगी जन्म से एक ही नाक के दूसरे हिस्से से ही ष्वास लेता था। नाक का एक हिस्सा बंद होने के कारण उसे सिर दर्द, आए दिन जुकाम रहने, किसी भी तरह की गंद का अहसास नहीं होने की शिकायत थी।

बिना चीरा लगाए रोगी के करीब दो घंटे के ऑपरेशन में नाक की अतिरिक्त हड्डी हटाकर नाक खोल दिया गया। रोगी को डे केयर में रखकर षाम को डिस्चार्ज भी कर दिया गया। डॉ. कनिश्क मेहता के अनुसार डब्ल्यूएचओ व अंतरराश्ट्रीय ईएनटी जनरल में अब तक इस तरह से हड्डी जुड़ी होने का कोई केस नहीं पाया गया है। इस केस की समस्त रिपोर्ट और ऑपरेशन के तरीके को इंटरनेशनल ईएनटी जनरल में प्रकाशन के लिए भेजा गया है।

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