जलवायु परिवर्तन से सुन्दर वन पर खतरा, विलुप्त हो जाएंगे ‘बंगाल टाइगर’

मेलबर्न, 13 फरवरी (उदयपुर किरण). जलवायु परिवर्तन और समुद्र के जल स्तर बढ़ने से ‘बंगाल टाइगर’ का अंतिम तटीय गढ़ और दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन माने जाने वाले सुंदरवन अगले 50 वर्षों में नष्ट हो सकता है. ये बातें वैज्ञानिकों ने कहीं.

शोधकर्ताओं के मुताबिक, दस हजार वर्ग किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैले बांग्लादेश और भारत का सुंदरबन क्षेत्र पृथ्वी पर सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है और लुप्तप्राय बंगाल टाइगर के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र भी है. ऑस्ट्रेलिया की जेम्स कुक यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर बिल लॉरेंस ने कहा, ‘‘बंगाल टाइगर नाम से प्रसिद्ध बाघों की संख्या आज के समय में चार हजार से भी कम रह गए हैं.’’ लॉरेंस ने कहा, ‘‘यह बाघ के लिए वास्तव में बहुत ही कम संख्या है. कभी वे बहुत बड़ी संख्या में हुआ करते थे, लेकिन आज मुख्य रूप से भारत और बांग्लादेश के छोटे क्षेत्रों तक ही सीमित रह गए हैं.

’’ इंडिपेंडेंट यूनिवर्सिटी, बांग्लादेश के एक सहायक प्रोफेसर, शरीफ मुकुल ने कहा, ‘‘हमारे विश्लेषण के मुताबिक, सबसे ज्यादा भयानक बात यह है कि सुंदरवन में बाघों के आवास 2070 तक पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगे.’’ उनके विश्लेषणों में मौसम संबंधी अत्यंत उतार-चढ़ाव वाली घटनाओं और समुद्र-स्तर में वृद्धि जैसे कारकों को शामिल किया गया था. हालांकि वैज्ञानिकों ने अब भी उम्मीद बनाए रखने की बात कही है.

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