चारा-पानी नहीं मिलने से 20 दिन में 150 गौवंश की मौत

नागौर (Nagaur) . चूंटीसरा गांव के समीप स्थित श्रीराम नंदीशाला एवं गौशाला में चारा नहीं मिलने और खारा पानी पीने के बाद पेट फूलने से करीब 20 दिन में ही 150 गौवंश की मौत होने का मामला सामने आया हैं. इस संबंध में शनिवार (Saturday) को बड़ी संख्या में सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने गौशाला प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाए हुए मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की.

इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो वहां खाई में 20 से अधिक गौवंश के शव डाले हुए थे. अधिकतर गौवंश का पेट फूला हुआ था. ग्रामीणों ने गौशाला प्रबंधक सुखराम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया. इसके बाद मालगांव, चूंटीसरा व गुड़ला के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर (Collector) व पुलिस (Police) अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंप गौशाला संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों की शिकायत पर सदर पुलिस (Police) थाने में मामला दर्ज किया गया है. वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर गायों के मृत शरीर का पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की.

नंदीशाला में 760 नंदी तथा गौशाला में कुल 250 गायें होने की जानकारी मिली हैं. पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीश बरवड़ प्रबंधक ने बताया कि गौवंश की मौत के मामले में नंदी और गौशाला प्रबंधक की लापरवाही सामने आई है. सभी गौवंश की एक साथ मौत न होकर अलग-अलग दिनों में हुई है. गौशाला प्रबंधक ने मृतक गोवंश का सही तरीके से डिस्पोजल नहीं किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Check Also

हिमाचल में बर्फीले तूफान में फंसने से तीन पर्यटकों की मौत

‎शिमला (Shimla) . बर्फीले तूफान में फंसने से शिमला (Shimla) जिले के रोहड़ू से सांगला …