गेवरा डीएव्ही स्कूल अड़ा हैं ऑफलाईन मोड में परीक्षा कराने

कोरबा .कोरोना के नए स्टे्रन ने हर तरफ चिंता बढ़ाई हुई है. इन सबके बीच सतर्कता अपनाते हुए शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों को पूरा करना है. स्कूल और कॉलेज में वार्षिक परीक्षा को लेकर जारी दिशा निर्देशों के बावजूद कई स्थानों पर अड़ंगे डाले जा रहे है. गेवरा के डीएव्ही स्कूल में पालकों और विद्यार्थियों ने प्रबंधन के अडियल रवैय्ये को लेकर परिसर में प्रदर्शन किया. उनकी मांग है कि दोनों विकल्पों पर विचार किया जाए. जबकि स्कूल प्रमुख का कहना है कि परीक्षा केवल ऑफलाईन मोड में ली जायेगी.

सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षाओं की घोषणा 1 मार्च से की है. उक्तानुसार परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थी वर्ग की तैयारी पूरी हो गई है. दूसरी ओर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) बोर्ड ने बोर्ड परीक्षाओं की घोषणा करने के साथ दिशा-निर्देश जारी किये है. कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखते हुए संबंधित विकल्पों का उपयोग संस्थाओं में करना है और इसके अनुसार परीक्षा लेना है. इसके ठीक उल्टे एसईसीएल गेवरा स्थित डीएव्ही स्कूल के प्रबंधन ने 1 मार्च से आयोजित हो रही परीक्षाओं को ऑफलाईन मोड में कराने की बात कही है.

स्थानीय पालकों ने बार-बार आग्रह करने के बाद इस मसले पर तेवर दिखाए और स्कूल परिसर के बाहर प्रदर्शन किया. मांग की गई कि जिस तरह के खतरे आसपास में हैं उसे ध्यान में रख वार्षिक परीक्षा ऑफलाईन के बजाए ऑनलाइन मोड में ली जाए. तर्क दिया गया कि बीते वर्ष कोरोना की वजह से शिक्षण सत्र ऑनलाईन ही पूरा हो गया. ऐसे में विद्यार्थियों ने जो कुछ समझा, उसका आंकलन ऑनलाईन मोड से किया जाना बेहतर होगा. कहा गया कि इस मामले में अनावश्यक हठधर्मिता को अपनाने के बजाए स्कूल प्रबंधन विवेक से काम लें. पालकों ने इस बारे में एक बार फिर जिला शिक्षा अधिकारी और प्रशासन को भी अवगत कराया.

*पहले भी जताई गई हैं आपत्ति

इससे पहले भी इसी मामले में डीएव्ही स्कूल कोरबा और कुसमुण्डा के विद्यार्थियों ने जिला कार्यालय कोरबा पहुंचने के साथ प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था. उसमें मांग की गई थी कि हर हाल में छात्रों को ऑनलाईन मोड में परीक्षा देने का विकल्प दिया जाना चाहिए न कि ऑफलाईन मोड में परीक्षा संपन्न कराने की जिद पकड़ी जाए. तर्क दिया गया कि दूसरे संस्थाओं के द्वारा ऑनलाईन मोड में परीक्षाएं ली जा रही है तो केवल डीएव्ही अलग रास्ते पर कैसे चल सकता है.

*भेज दिया गया हैं परिपत्र

प्रोटोकाल को ध्यान में रख शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षाओं का आयोजन दो विकल्पो के अंतर्गत किया जा सकता है. इस बारे में सरकार ने परिपत्र जारी किया है. सभी संस्थाओं कों परिपत्र भेजा जा चुका है.

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