गुर्जर समाज और भाजपा के आंदोलन को लेकर सरकार अलर्ट

गुर्जर समाज और भाजपा के आंदोलन को लेकर सरकार अलर्ट

जयपुर, 07 फरवरी (उदयपुर किरण). पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए गहलोत सरकार प्रस्तावित गुर्जर आंदोलन के मद्देनजर अलर्ट मोड पर आ गई है. इसी के साथ भाजपा की ओर से प्रस्तावित किसान कर्जमाफी आंदोलन के मद्देनजर सरकार ने एहतियात बरतना भी शुरू कर दिया है. दोनों आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए कानून व्यवस्था के लिहाज से तैयारियां शुरू हो गई हैं. दोनों आंदोलन आठ फरवरी(शुक्रवार) से शुरू हो रहे हैं. गुर्जर समाज जहां पांच फीसदी आरक्षण के लिए आंदोलित हो रहा है, वहीं भाजपा किसान कर्जमाफी को लेकर की गई घोषणा के पूर्ण क्रियान्विति के लिए सड़कों पर उतरने का फैसला कर चुकी है. दोनों आंदोलन के मद्देनजर सरकारी मशीनरी सतर्क हो गई है. मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने डीजीपी कपिल गर्ग को गुर्जर बाहुल्य इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

सीएस गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में हुई बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए. मुख्य सचिव ने सवाई माधोपुर रेलवे ट्रेक पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए. सीएस गुप्ता ने कानून व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की. उन्होंने दौसा, करौली, भरतपुर, धौलपुर, अलवर, टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, झालावाड़, बूंदी, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, जयपुर जिले की पुलिस अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं. बैठक में सवाई माधोपुर रेल ट्रैक पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने और इसके लिए रेलवे पुलिस से समन्वय रखने को कहा गया. एहतियाती उपायों के तहत शरारती तत्वों पर नजर रखने, किसी भी तरह के मूवमेंट पर तत्काल कार्रवाई की रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए. बैठक में हालात की चौबीस घंटे निगरानी रखने के साथ बाहर से फोर्स बुलाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. गुर्जर बहुल क्षेत्रों में एसपी को हर अप्रिय घटना की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया. गुर्जर समाज आर-पार की लड़ाई के मूड में पिछले दिनों केन्द्र सरकार की ओर से सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के मसले पर की गई घोषणा के बाद राजस्थान में एक बार फिर गुर्जर आंदोलन की आग भड़कने की आशंका पैदा हो गई. हुआ भी यही, लोकसभा चुनाव से ठीक पहले गुर्जर समाज ने ”अबकी बार-आखिरी बार” का नारा लेकर आठ फरवरी को आंदोलन की चेतावनी दे रखी है.

एक तरफ गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने समाज को आर-पार की लड़ाई के साथ तैयारी पूरी कर आंदोलन में कूदने की अपील की है तो दूसरी तरफ सरकार भी प्रस्तावित आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए कानून व्यवस्था के लिहाज से तैयारियां कर रही है. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला मौका होगा जब गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करने जा रहे हैं. भाजपा का जेल भरो आंदोलन इसी दिन किसान कर्जमाफी को लेकर भाजपा भी जेल भरो आंदोलन कर रही है. हालांकि, गहलोत सरकार ने प्रदेश में शिविर लगाकर किसान कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं, लेकिन गुर्जरों के साथ भाजपा नेताओं के तेवर से निपटना गहलोत सरकार के लिए बड़ी अग्नि परीक्षा साबित हो सकती है.

राज्य सरकार ले रही कानूनी राय: पायलट गुर्जर आरक्षण पर उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गुरुवार को कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने गुर्जर आरक्षण के मसले पर ठीक तरह से पैरवी नहीं की थी. इस कारण केंद्र सरकार ने 10 फीसदी सामान्य वर्ग को आरक्षण दे दिया, लेकिन गुर्जर समाज की प्रमुख मांग पांच फीसदी आरक्षण पर ध्यान नहीं दिया. अब राज्य सरकार इस मसले पर कानूनी राय ले रही है. कानून में संशोधन का काम केंद्र सरकार का है.

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