कोटा से विद्यार्थियों को उनके घर पहुंचाने के लिए राजस्थान रोडवेज के बिल का यूपी सरकार ने किया भुगतान · Indias News

कोटा से विद्यार्थियों को उनके घर पहुंचाने के लिए राजस्थान रोडवेज के बिल का यूपी सरकार ने किया भुगतान


लखनऊ (Lucknow) . कांग्रेस के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार (Government) द्वारा कोटा से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के छात्रों को ले जाने के लिए उपलब्ध करायी गयी बसों के लिए 36 लाख रूपये से अधिक के बिल का उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार (Government) ने शुक्रवार (Friday) को भुगतान कर दिया. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए 1000 बसों को इंतजाम को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार (Government) के बीच गतिरोध के बीच राजस्थान सरकार (Government) ने कोटा में फंसे छात्रों को भेजने के लिए 36.36 लाख रूपये का बिल बृहस्पतिवार को भेजा था.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य सडक परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक राज शेखर ने बताया कि अप्रैल के मध्य में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार (Government) ने लॉकडाउन (Lockdown) के कारण कोटा में फंसे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के छात्रों को उनके घरों तक पहुंचाने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि यूपी रोडवेज की बसें उन्हें लाने के लिए लगायी गयीं लेकिन हमें अतिरिक्त बसों की आवश्यकता थी. कोटा में उपलब्ध राजस्थान रोडवेज की बसों को छात्रों को आगरा (Agra) और मथुरा छोडने के लिए लिया गया था. राजस्थान रोडवेज ने इसका बिल दिया, जिसका भुगतान उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) परिवहन ने कर दिया है.

इस बीच प्रदेष के उप मुख्यमंत्री (Chief Minister) दिनेश शर्मा ने यहां संवाददाताआं से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस को आत्मावलोकन की आवश्यकता है. वह देश से और प्रवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे. नये मुददे उठाकर राजनीति करना संकीर्ण विचारधारा का परिचायक है. शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) ने 560 बसें कोटा से बच्चों को लाने के लिए भेजी थीं लेकिन और भी बच्चे थे जो उन बसों पर सवार नहीं हो पाये थे. उन्होंने अनुरोध किया कि उन्हें भी वापस ले चलें क्योंकि वहां खाना नहीं मिल रहा है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अधिकारियों ने तब राजस्थान रोडवेज से अनुरोध किया था कि वह बसें मुहैया कराये और रोडवेज ने लिखित में मांगा था कि इसके लिए भुगतान किया जाएगा. उन्होंने बताया कि डीजल का 19.76 लाख रूपये का एक बिल पांच मई को दे दिया गया था. उसके बाद 94 बसों के लिए रिमाइंडर भेजा गया. वे बिल लेने के लिए बार-बार रिमाइंडर भेज रहे हैं.

एक तरफ निर्दोष बच्चों के लिए वे बिल मांग रहे हैं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रवासियों को ले जाने के लिए वे राजस्थान से बसें मुहैया करा रहे हैं. डा. शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी (Epidemic) के समय कांग्रेस प्रवासियों के लिए बसों की राजनीति कर रही है. यह शर्मनाक है. पूरे प्रकरण में यह बात सामने आयी है कि आप बच्चों को लाने के लिए और ईंधन के लिए बिल ले रहे हैं. उन्होंने एक बार भी मानवीय संवेदना नहीं दिखायी. उप मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने बताया कि समाचार चैनलों के जरिए उन्हें पता चला कि राजस्थान और पंजाब में हजारों प्रवासी सडकों पर भूखे घूम रहे हैं और महाराष्ट्र (Maharashtra) में अफरातफरी है.

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