कैशलेस इकोनॉमी भारतीय बाजार का ड्राईवर है-जैन

कैशलेस इकोनॉमी भारतीय बाजार का ड्राईवर है-जैन

झुंझुनू,17 मार्च (उदयपुर किरण). टीबड़ेवाला विश्वविद्यालय में मैनेजमेन्ट विभाग की ओर से राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया. जिसका विषय भारत में कैशलेस प्रणाली का महत्व आवश्यक रखा गया. कार्यक्रम में बीकानेर से आये डॉ. एसके जैन ने इस विषय पर देश में प्रचलित मुद्रा प्रणाली के बारे में बताया तथा देश में इसकी क्यों आवश्यकता पड़ी इस सन्दर्भ में अपने विचार रखते हुए कहा कि वर्तमान बैंकिग क्षेत्र में धोखाधड़ी के प्रकरण काफी अधिक होने लग गए है. बैंकर्स बार-बार मोबाइल मैसेज के द्वारा अपने ग्राहकों को जागरूक भी करते हैं.

लेकिन फिर भी लोग धोखा खा जाते हैं. इसलिए कैशलेस प्रणाली अतिआवश्यक है. डॉ. टीके जैन ने कहा कि कैशलेस इकोनॉमी भारतीय बाजार का ड्राईवर है. अतः आज बाजार में जाने पर आपके पास रुपये होना आवश्यक नहीं है. आप क्रेडिट कार्ड के जरिए, पेटीएम के जरिए लाखों रुपये की खरीदारी कर सकते हैं क्योंकि एक चैक को क्लीयर होने में कई दिन लग जाते हैं. इस अवसर पर डॉ. मनोज सैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन मार्केटिंग के चलते आजकल व्यापारियों का व्यापार मंदा चल रहा है. स्वयं सहायता समूह के जरिये किसान अपने सब्जियां दुकान खोल कर बेच रहे हैं. इस अवसर पर डॉ. शशि मोरोलिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई. कार्यक्रम में जेजेटी प्रेसीडेन्ट बी.के. टीबड़ेवाला, डॉ. जयश्री व मैनेजमेन्ट विभाग के प्रभारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका गुप्ता ने किया. इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार, डॉ. अमन गुप्ता, डॉ. रूपाली तरू, डॉ. हरीश पुरोहित, डॉ. मुकेश वर्मा, डॉ. कुल्दीप शर्मा, डॉ. योगेश शर्मा, डॉ. शक्तिदान चारण सहित स्कॉलर उपस्थित थे.


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कैशलेस इकोनॉमी भारतीय बाजार का ड्राईवर है-जैन DAINIK PUKAR. Dainik Pukar

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