कुछ अच्छा करने के लिए सुविधाएं नहीं, इच्छाशक्ति चाहिए – आनंद कुमार

उदयपुर, 10 अगस्त (उदयपुर किरण). सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने कहा है कि आगे बढऩे और अपनी मंजिल को पाने के लिए सुविधाएं नहीं इच्छा शक्ति की जरूरत होती है. आप दृढ़ निश्चय के साथ मेहनत करते जाइये, आपको सफलता मिलती चली जाएगी.

आनंद कुमार शनिवार को यहां उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल एजुकेशन फेस्ट 2019 के दूसरे दिन विशिष्ट अतिथि के रूप में देश-विदेश के एजुकेटर्स-इनोवेटर्स को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि उन्होंने शुरुआत में कुछ से मदद मांगनी चाही, लेकिन कड़वे अनुभव आने के बाद उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी बच्चों को पढ़ाना जारी रखा. यहां तक कि उनके भोजन के लिए भी बिना चंदा लिए व्यवस्था करते रहे और कर रहे हैं. उनके पिताजी ने भी हरवक्त उनका हौसला बढ़ाया. उन्होंने कहा कि शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान को अनिवार्यत: जोडऩा होगा. शिक्षा वह हो जो ‘हाऊ’ एंड ‘व्हाय’ का ज्ञान दे. उन्होंने कहा कि बाजारवाद की अंधी दौड़ और अपनी मर्जी थोपने की होड़ से बचते हुए अभिभावकों को बच्चे को उसकी रुचि और उसके हुनर के अनुसार पढऩे की छूट देनी होगी. उसके हुनर का पहचानने के लिए भी अभिभावकों और शिक्षकों को मेहनत करनी होगी. शिक्षक को बच्चे का दोस्त बनना होगा.

भारत को ग्लोबल एजुकेशन पावर हाउस बनाने के संकल्प के साथ उदयपुर में चल रहे ग्लोबल एजुकेशन फेस्ट-2019 का शनिवार को समापन पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर ने शिक्षा में नवाचारों के साथ संस्कारों की नींव को भी मजबूत करने पर बल दिया. साथ ही लद्दाख से आए एचआईएएल के संस्थापक सोनम वांगचुक, महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने भी विचार रखे. स्कून्यूज की ओर से आयोजित इस एजुकेशन फेस्ट में टीचर वारियर अवार्ड और ज्वेल्स ऑफ इंडिया अवार्ड प्रदान किये गए. टीचर वारियर अवार्ड उन योग्य पुरुषों और महिलों को दिया जाता है जिन्होंने वंचित बच्चों की बेहतरी के काम किया है. स्कू न्यूज के रवि संतलानी ने बताया कि अगला फेस्ट अगले साल गोवा में होगा. उन्होंने बताया कि ईडीबैंक, शिक्षकों, स्कूल लीडर्स और इनोवेटर्स के बीच सहभागिता के लिए ऑनलाइन मंच बनाया गया है.

फेस्ट के दूसरे दिन शीर्ष उद्योगों के दिग्गज, देश भर के प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रमुख और कुछ अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने विभिन्न विषयों जिसमें ‘कक्षा में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना’, ‘अंतरराष्ट्रीय साझेदारी क्यों और कैसे’ आदि पर अपनी बात कही. दिन भर के पैनल डिस्कशन में डॉ. माधव सिंह देव सारस्वत (सिंधिया स्कूल ग्वालियर के प्रिंसिपल), शरद बंसल (टिंकरली के सीईओ), सैंडी मैथ्यूसन (प्रेप स्कूल के प्रमुख, दी ग्लासगो अकैडमी, स्कॉटलैंड), मैथ्यू के पिअर्स (रेक्टर, दी ग्लासगो अकैडमी, स्कॉटलैंड) आदि ने विचार रखे.

एक प्रदर्शनी का भी इस फेस्ट पर आयोजन किया गया जिसमें उद्योग-विशेष नवाचारों, समाधानों और सेवाओं को समाहित किया गया. शाम को दो खुले सत्र भी आयोजित किये गए, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल ए शेखर ने ‘विफलता का महत्व, जब सफलता मूल्यों के साथ अर्जित करनी हो’ विषय पर और दूसरा सत्र अरुणाभ सिंह ने ‘भविष्य 2020 – जो सफल होने के लिए सबसे सर्वोत्कृष्ट है’ पर चर्चा की.

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