करतारपुर कॉरिडोर: 80 फीसदी मुद्दों पर सहमति

वाघा बॉर्डर पर भारत-पाकिस्तान के बीच बैठक खत्म

New Delhi . करतारपुर कॉरिडोर से जुड़े तकनीकी व अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए भारत-पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की बैठक वाघा बॉर्डर पर खत्म हो गई है. रविवार सुबह इस बैठक में भाग लेने के लिए भारत और पाक के प्रतिनिधिमंडल वाघा बार्डर पहुंचे थे.

kartarpur-meeting

पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष मोहम्मद फैसल ने कहा कि इस बैठक में 80 फीसदी मामलों में सहमति बन गई है. शेष बचे मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए एक और बैठक हो सकती है.

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास ने कहा कि प्रतिदिन पांच हजार श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन की अनुमति, गुरुपर्वों और विशेष ऐतिहासिक मौकों पर 10 हजार श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा साहिब के दर्शन की मांग की गई है. बैठक में श्रद्धालुओं की एंट्री फीस पर भी चर्चा हुई.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा आश्वासन दिया गया कि इस यात्रा के आड़ में भारत विरोधी कोई भी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके अलावा भारत जीरो प्वाइंट पर एक पुल बना रहा है और उसने पाकिस्तान से अपनी ओर इसी तरह का एक पुल बनाने का अनुरोध किया है, जो श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवाजाही मुहैया करेगा तथा बाढ़ से जुड़ी चिंताओं का हल करेगा. यह पुल एक क्रीक (जल धारा) के ऊपर है जिसका बड़ा हिस्सा पाकिस्तान में पड़ता है.

पाकिस्तान की तरफ से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल की अध्यक्षता में 20 अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लिया. वहीं भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एससीएल दास और विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पीएआई – पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान) दीपक मित्तल ने संयुक्त रूप से किया.

सूत्रों के अनुसार, बैठक में करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम की तारीख पर भी चर्चा हुई. पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पाकिस्तानी पक्ष का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं.

सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में कॉरिडोर को खोलने और बंद करने के टाइम टेबल पर सहमति बनने के आसार हैं. साथ ही गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को कितनी करेंसी अपने पास रखने की अनुमति होगी, कॉरिडोर के रास्ते पर निगाह रखने के लिए वीडियोग्राफी कराने और पूरे रास्ते में सीसीटीवी कैमरों लगाने पर भी चर्चा हुई. श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं पर भी बात हुई.

सूत्रों ने बताया कि भारत की सीमा में फोर लेन राजमार्ग बनाने पर काम जोरशोर से जारी है. अधिकारियों ने बताया कि इस राजमार्ग का काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा. राष्ट्रीय राजमार्ग 354 तक गलियारा के जीरो प्वाइंट को जोड़ने वाले इस राजमार्ग का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा किया जा रहा है.


Click & Download Udaipur Kiran App to read Latest Hindi News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*