उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की मांग लेकर शांतिलाल चपलोत बैठे आमरण अनशन पर

उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की मांग लेकर शांतिलाल चपलोत बैठे आमरण अनशन पर

उदयपुर। उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच को लेकर चल रहे आंदोलन में अब आर-पार की लड़ाई होती दिखाई दे रही है। लगातार एक महीने तक अधिवक्ताओं की ओर से क्रमिक अनशन करने के बाद भी सरकार का रुख साफ नहीं होने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत बुधवार को अपनी घोषणा के अनुसार आमरण अनशन पर बैठ गए। आपको बता दें कि ठीक 1 माह पहले हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति की ओर से क्रमिक अनशन शुरू किया गया था। एक महीना बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिलने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उदयपुर न्यायालय के बाहर शुरू हुए आमरण अनशन के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस पार्टी सहित कई सामाजिक संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। वहीं सभी ने यह बात कहीं है कि उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच आनी चाहिए।

सभी संगठनों के सदस्यों ने इस मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि यह मांग बहुत पहले पूरी हो जानी चाहिए थी लेकिन प्रदेश में किसी भी राजनीतिक पार्टी की सरकार रही हो किसी ने इस मांग की ओर ध्यान नहीं दिया है। ऐसे में अब शांतिलाल चपलोत की ओर से किए जा रहे आमरण अनशन के बाद प्रदेश की वसुंधरा सरकार का क्या रुख सामने आता है यह तो देखने वाली बात होगी। यह जरूर है कि इस बार हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के कठोर निर्णय के चलते उदयपुर के साथ-साथ पूरे संभाग और भीलवाड़ा से भी कई अधिवक्ता और सामाजिक संगठनों के सदस्य इस आमरण अनशन में समर्थन के लिए उदयपुर पहुंचे है।

वहीं दूसरी ओर बात की जाए तो कई कांग्रेसी नेता भी इस आमरण अनशन में समर्थन देने के लिए उदयपुर न्यायालय के बाहर पहुंचे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक पार्टियों को खरी-खोटी सुनाते हुए साफ किया कि प्रदेश में दोनों ही पार्टियों की सरकारों के होने के बाद भी इस मांग पर ध्यान नहीं दिया गया है। वहीं दूसरी ओर आमरण अनशन पर बैठे शांतिलाल चपलोत की माने तो चपलोत ने साफ किया कि उन्होंने पूर्व में घोषणा की थी कि अगर सरकार इस मांग की ओर ध्यान नहीं देती है तो वह आमरण अनशन करेंगे। उसी के अनुरूप यह आमरण अनशन किया जा रहा है उन्होंने यह भी कहा कि इस मांग को लेकर अपने जीवन के अंतिम क्षण तक इस लड़ाई को लड़ेंगे और यहां पर हाईकोर्ट बैंच की स्थापना करवा कर ही रहेंगे।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*