उच्च शिक्षा मंत्री के दखल के बावजूद हत्यारों को बचाने में गृहमंत्री की पुलिस

बुजुर्ग की हत्या का मामला : दो महीने बाद भी पुलिस जांच नहीं कर रही, न्याय के लिए दर-दर भट रहे है परिजन

उदयपुर किरण के लिए धरणेन्द्र जैन

ये पुलिस की नाकामी और उदासीनता का ज्वंत उदाहरण है। कांकरोली की शान्ति कॉलोनी में 75 साल के नाथुलाल की दो महिने पहले संदिग्ध परिस्थियों में मौत के बाद भी पुलिस की जांच में खुलासा नहीं हो पाया है। परिजनों का मानना है कि उसकी हत्या की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शरीर पर गहरे घाव होने और हेड इंजरी से मौत होना सामने आ रहा है। पूरे मामले में कांकरोली थाना पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। पहले तो मामला ही दर्ज नहीं किया। बीस दिनों तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट दबाए रखी और अब पति की मौत के कारणों व निष्पक्ष जांच के लिए बुजुर्ग महिला दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। विधवा अपनी पीड़ा पुलिस के आला अधिकारियों के समक्ष भी रख चुकी है। लेकिन वहां पर भी सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। परिवार वालों ने संदिग्धों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है, लेकिन आरोप है कि उनसे पूछताछ तक नहीं की। उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी के दखल पर भी पुलिस ने सामान्य मौत में ही एफआईआर दर्ज की है। परिवार वालों का कहना है कि वे कार्रवाई करवाने की मांग पर कई बार कांकरोली थाने के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन ही दिया जा रहा है।

खेत पर जाने वाले रास्ते को लेकर चल रहा था विवाद

परिजनों का कहना है कि नाथूलाल के खेत से सटे खेत के मालिक से खेत पर जाने वाले रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। इसके साथ ही मृतक के एक भतीजे से संपति को लेकर विवाद चल रहा था। उस पर परिजनों ने हत्या का शक जताया। लेकिन पुलिस ने इस दिशा में कोई ठोस जांच नहीं की। परिजनों ने कांकरोली पुलिस का बयानों में अपनी बात दर्ज कराई है। दो साल पहले मृतक की पत्नी गीतादेवी के साथ मारपीट की जिसकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मृतक के 6 महीने पहले जान से मारने की धमकी और गाली-ग्लोच करता था। पुलिस ने कार्रवाई के प्रति अनदेखी कर दी। मंत्री  किरण माहेश्वरी के सामने दर्द बयां करने पर उन्होंने एसपी मनोज कुमार से बात की थी। एसपी के आदेश पर पुलिस अधिकारियों ने घटना के 12 दिनों के बाद मौका-मुआयना किया। लेकिन हत्या की धारा नहीं जोड़ी। 4 नवंबर को शव का पोस्टमार्टम हुआ। यह भी आरोप है कि 20 दिनों के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को सौंपी गई। इसमें शरीर पर गहरे घाव होना और हेड इंजरी से मौत होना सामने आया था।

23 दिनों पूर्व परिजनों ने एसपी से फिर की गुहार

नाथूलाल की पत्नी व बेटे और दो बेटियां कांकरोली थाने के चक्कर काट कर थक गए है लेकिन पुलिसकर्मी हर बार कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं। आखिरकार 12 दिस बर को गीतादेवी अपने परिवार के साथ एसपी मनोज कुमार चौधरी  से फिर मिली और इस मामले में धारा 302 जोडऩे की मांग की। कांकराली पुलिस पर मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया। इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए आरोपियों को गिर तार करने की मांग की थी।

पुलिस की कार्यप्रणाली इन सवालों के घेरे में

  • घटना की सूचना मिलते ही कांकरोली पुलिस ने मौका मुआयना क्यों नहीं किया और हत्या में
    मामला दर्ज क्यों नहीं किया।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट होने के बावजूद हत्या की धारा क्यों नहीं जोड़ी
    गई।
  • परिजनों ने जिन संदिग्धों पर संदेह जताया उनसे पूछताछ पर बयान क्यों नहीं लिए गए।

पड़ौसी के खेत पर लहूलुहान हालत में मिला था वृद्ध

शांति कॉलोनी निवासी नाथूलाल सेन तीन नवंबर की रात को अपने खेत से करीब 500 फीट दूरी पर पडौसी सुरेंद्र गौरवा के खेत पर लहूलुहान हालत में बेसुध अवस्था में मिला था। उनके कपड़े फटे हुए थे और शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान पाए गए थे। सबसे गहरा घाव सिर पर दाई तरफ करी तीन गुना पांच इंच का था और आंख के ऊपर भी तीन बाई तीन का गहरा घाव था। कपड़े फटे हुए थे। नाथुलाल की पत्नी गीता देवी का कहना है कि घटना वाले दिन 3 नवंबर को अपने पति शांति कॉलोनी स्थित उनके खेत पर फसल की देख रेख के लिए फावड़ा लेकर गए। लेकिन देर शाम तक नहीं पहुंचने पर तीनों बेटों राकेश, दिनेश, उमेश फोन कर बुलाया। इस पर परिजन उनकी तलाश में जुटे तो रात 11 बजे नाथूलाल अपने ही खेत से सटे  पडौसी के खेत पर लहूलुहान हालत में मिले। तब धडक़ने चल रही थी। परिजन उन्हें 108 एंबुलेंस से आरके अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

इनका कहना है

मैं मृतक के घर गई थी, जहां से जानकारी मिली थी। इसके बाद भी पुलिस जांच नहीं कर रही है तो उनकी लापरवाही है। इस संबंध में आला अधिकारियों से बात की जाएगी।
किरण माहेष्वरी, उच्च षिक्षा मंत्री

हां, मेरे पास इस तरह की शीकायत आई थी। इस मामले में एएसपी और डीएसपी को मामले को लेकर पुन: मौका मुआयना करने के निर्देश दिए हैं।

मनोज कुमार चौधरी, एसपी राजसमंद

परिजनों ने शक जताया है। अभी इस मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में हेड इंजरी की बात सामने आई है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

लक्ष्मणाराम विश्नोई, थानाधिकारी, कांकरोली

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