इस दिन हुआ भगवान बुद्ध का जन्म, इसी दिन प्राप्त हुआ ज्ञान और महानिर्वाण भी

वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है. बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ. ऐसा किसी अन्य महापुरुष के साथ आज तक नहीं हुआ है. हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए बुद्ध भगवान विष्णु के नौवें अवतार माने जाते हैं.

बुद्ध पूर्णिमा, बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है. भगवान बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी नामक स्थान पर हुआ था. उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था. 27 वर्ष की आयु में उन्होंने घर छोड़ दिया और संन्यास ग्रहण कर लिया. भगवान बुद्ध को जिस स्थान पर बोध या ज्ञान की प्राप्ति हुई उस स्थान को बोधगया कहा गया. महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया और बौद्ध धर्म की स्थापना की. भगवान बुद्ध ने चार आर्य सत्यों का उपदेश दिया. वैशाख पूर्णिमा के दिन उन्हें बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई, तभी से यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है. इस दिन बौद्ध अनुयायी अपने घरों में दीपक जलाते हैं. बौद्ध धर्म ग्रंथों का पाठ किया जाता है. इस पूर्णिमा पर किए गए अच्छे कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन पिंजरों से पक्षियॊं को मुक्त किया जाता है. गरीबों को भोजन व वस्त्र दान किए जाते हैं. श्रीलंकाई इस दिन को वेसाक उत्सव के रूप में मनाते हैं जो ‘वैशाख’ शब्द का अपभ्रंश है.

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है.

इस दिन हुआ भगवान बुद्ध का जन्म, इसी दिन प्राप्त हुआ ज्ञान और महानिर्वाण भी DAINIK PUKAR. Dainik Pukar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*