आजम की मां ने अदालत में पुत्रों व देवर को छुड़ाने के लिए लगाई गुहार, अदालत ने मांगा दोनों थानों से स्पष्टीकरण

उदयपुर. पिछले दो दिनों में प्रोपर्टी व्यवसायी, सर्राफा व्यवसायी एवं मार्बल व्यवसायी पर फायरिंग व पिस्टल दिखाकर या व्हॉटसएप्प के जरिये फिरौती मांगने के मामले में गैंगस्टर आजम खान एक बार फिर सुखियों में आ गया है. उधर आजम के गुर्गो पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने कवायद तेज कर दी. इस बीच सोमवार को आजम की मां ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर अपने दो निर्दोष पुत्रों व देवर को छुड़ाने की गुहार की. पुलिस उनके परिवार पर दबाव बना रही है कि वे आजम से कहे कि सीबीआई की अदालत में उनके कहे अनुसार बयान दे, अन्यथा इन्हें किसी संगीन मामले में फंसाया जा सकता है. उधर प्रार्थना पत्र पर अदालत ने सम्बन्धित दोनों थानों से मामले में स्पष्टीकरण मांगा है.

अदालत सूत्रों के अनुसार चूड़ीघरों का मोहल्ला अंजुमन चौक निवासी हुसैना बानो बेवा सईद अहमद ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, धानमंडी थानाधिकारी कैलाशचंद्र एवं धानमंडी थाने के 10-15 कांस्टेबलों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 342 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक प्रार्थना पत्र पेश किया, जिसमें बताया कि गत 7 जून को मेरे दोनों पुत्र अख्तर व असलम व देवर इकबालुद्दीन चाय की होटल अंजुमन चौक पर कार्य कर रहे थे. धानमंडी थानाधिकारी और कुछ पुलिस के कांस्टेबल आए और दोनों पुत्र व देवर को जबरन पूछताछ के लिए ले गए और उन्हें थाने पर ले जाकर बिठा दिया. मैं थाने पर गई तो पुलिस अधिकारी ने यही कहा कि पूछताछ चल रही है और सुबह छोड़ देंगे. पुन: घर आ गई. 8 जून को पुन: धानमंडी थाने गई तो दोनों पुत्र व देवर वहां नहीं मिले तब थानाधिकारी ने बताया कि तुम्हारा पुत्र आजम सोहराबुद्दीन व तुलसी प्रजापति एनकाऊंटर का गवाह है यदि उसका पुत्र ऊपर के अधिकारी जैसा चाहते है वैसा बयान दे तो तुम्हारे दोनों पुत्रों व देवर को छोड़ देंगे. इस पर मैंने उन्हें बताया कि आजम से बात किए महिनों हो गए है, मुझे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. इस पर थानाधिकारी ने कहा कि एएसपी सुधीर जोशी से बात करो वे भी एनकाऊंटर मामले में गवाह है. आजम बयान नहीं बदलेगा तब तक तुम्हारे दोनों पुत्रों व देवर को नहीं छोड़ा जाएगा और धमकी दी कि संगीन मुकदमा भी दर्ज करेंगे.

प्रार्थना पत्र में बताया कि मेरा दोनों पुत्रों व देवर का किसी भी मामले से कोई लेनादेना नहीं है और न ही किसी अपराध में संलिप्त है. जबरन पुलिस पूछताछ के नाम पर मारपीट कर खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराने की आशंका है. एएसपी जोशी के दबाव में आकर पुलिस द्वारा पुत्रों व देवर के साथ किसी अनहोनी की आशंका है. प्रार्थना पत्र में यह भी लिखा कि न्यायालय स्वयं धानमंडी व हिरणमगरी थाने का औचक निरीक्षण करे और उनके दोनों पुत्र व देवर को छुड़ाया जाए. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उक्त प्रार्थना पत्र पर थानाधिकारी हिरणमगरी व धानमंडी से मामले में शीघ्र ही तथ्यात्मक रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए.

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