असम के 17 जिलों में बाढ़, छह नदियां उफान पर

गुवाहाटी, 11 जुलाई (उदयपुर किरण). असम व उसके पड़ोसी राज्यों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. राज्य के धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, शोणितपुर, दरंग, बाक्सा, बरपेटा, नलबाड़ी, चिरांग, बंगाईगांव, कोकराझार, मोरीगांव, गोलाघाट, माजलुली, जोरहाट और डिब्रूगढ़ समेत 17 जिले प्रभावित हैं. प्रमुख छह नदियों का जलस्तर कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है. इसमें ब्रह्मपुत्र नद जोरहाट और शोणितपुर जिले में, दिखौ शिवसागर जिले में, धनसिरी गोलाघाट जिले में, जिया भराली शोणितपुर जिले में, पुठीमारी कामरूप जिले में, बेकी नदी बरपेटा में कई स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर गई हैं.

राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 41 राजस्व सर्किल में धेमाजी जिले के जोनाई, सिसिबोरगांव व गोगामुख, लखीमपुर जिले का नाउबेचा, नार्थ लखीमपुर, बिहपुरिया, नयनपुर और सुबनसिरी, बिश्वनाथ का हेलेम व गोहपुर, शोणितपुर जिले के ठेलामारा व तेजपुर, दरंग जिले में दलगांव व मंगलदै, बाक्सा जिले के गोरेश्वर, नलबाड़ी में टिहू, घोगरापार, नलबाड़ी और बानेकुची, बरपेटा जिले का कलगछिया, बरपेटा, सरूपेटा, बरमागर और बाघबर, चिरांग जिले का बिजनी, सिडली और बेंगतोल, बंगाईगांव जिले का बिजनी, बंगाईगांव और श्रीजानग्राम, कोकराझार जिले का दोतमा, गोलाघाट जिले का गोलाघाट, बोकाखात, देरगांव और खुमटाई, मोरीगांव जिले का भुरागांव, नगांव जिले का सामागुड़ी, माजुली जिले का माजुली, जोरहाट जिले का जोरहाट वेस्ट और तिताबर तथा डिब्रूगढ़ जिले का चबुआ राजस्व सर्किल बाढ़ से प्रभावित हुआ है.

बाढ़ से कुल 749 गांव प्रभावित हुए हैं. जिसमें धेमाजी जिले में 210, लखीमपुर जिले में 137, बिश्वनाथ जिले में 35, शोणितपुर में 09, दरंग जिले में 30, बाक्सा में 02, नलबाड़ी में 18, बरपेटा जिले में 91, चिरांग जिले में 22, बंगाईगांव में 62, कोकराझार में 01, मोरीगांव में 03, नगांव में 05, गोलाघाट जिले में 58, माजुली जिले में 35, जोरहाट जिले में 22 तथा डिब्रूगढ़ जिले में 09 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

बाढ़ के पानी में कुल 16,730,72 हेक्टर में खड़ी फसल डूब गई है. बाढ़ से 4,23,386 व्यक्ति अपने घरों को छोड़कर राहत शिविरों व ऊंचाई वाले स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए हैं. प्रशासन ने कुल 53 राहत शिविर स्थापित किए हैं. जबकि राहत सामग्रियों का वितरण करने के लिए कुल 1,843 केन्द्र स्थापित किए गए हैं.

उल्लेखनीय है कि बुधवार को बाढ़ व भूस्खलन के चलते तीन लोगों की मौत हुई थी. इसमें गोलाघाट, धेमाजी और कामरूप (मेट्रो) जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गयी. बाढ़ के कारण 74,955 बड़े, 37,219 छोटे पालतु पशु तथा 1,16,892 पोल्ट्री भी प्रभावित हुए हैं.

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