अगले 15 दिन तक भगवान रहेगें अपने ननिहाल में, जलयात्रा के चलते धूमधाम से निकाला जुलूस

अहमदाबाद.जिस तरह से जगन्नाथपुरी की रथ यात्रा एतिहासिक मानी जाती है ठीक उसी तरह से गुजरात का अहमदाबाद की रथ यात्रा एक अपने आप में प्रख्यात है . इसलिए अबकी बार अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथजी की ऐतिसहासिक 142वीं रथयात्रा अषाठी दूज 4 जुलाई के दिन निकाली जायेगी. हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान जगनाथ की जलयात्रा उनके निवास स्थान जमालपुर मंदिर से लेकर साबरमती नदी के सोमनाथ भूदर तट तक निकाली गई. जलयात्रा के इस पावन अवसर पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, महापौर बिजल पटेल सहित कई सांधु-संत शामिल हुए .
यहां भगवान जगन्नाथजी, भाई बलराम, बहन सुभद्राजी का इन 108 कलशों में लाये गये पवित्र जल से महाभिषेक करने के बाद उनका गजवेश श्रृंगार किया गया, और सोमवार के दिन हाथी, घोड़ा, भजन मंडलियां तथा बैंडबाजे के साथ जगन्नाथ मंदिर से जलयात्रा का प्रारंभ हुआ . आज के दिन भगवान जगन्नाथ मंदिर में धुम मची रहती है. कई लोग तो अखाडा, कराटे बोडीगार्ड के नक्शे में दिखते है . पुरे गुजरात में इस पल को देखने के लिए लोग आते है . और रथ यात्रा का भरपुर्ण आनंद लेते है . भगवान जगन्नाथ जी मंदिर के मंहत दिलीप दासजी ने बताया कि भगवान की महा जलयात्रा धूमधाम से सम्पन्न हुई . अब भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा अगले 15 दिनों तक सरसपुर में अपने ननिहाल (मामा के वहां) में विराजमान रहेंगे. ननिहाल में भगवान की पूर्जा अर्चना की जायेगी. गौरतलब है कि अहमदाबाद में एतिहासिक भगवान जगन्नाथ जी की 142वीं रथयात्रा अषाढ़ी दूज 4 जूलाई के दिन निकाली जायेगी. भगवान की रथयात्रा के लिए पिछले एक महीने से तैयारियां की जा रही है. जल यात्रा को लेकर सोमनाथ भूतर तट भगवान की जलयात्रा पहुंचते ही मंदिर के महंत दिलीपदासजी महाराज, ट्रस्टी महेन्द्र झा, प्रदेश उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, महापौर बिजल पटेल ने गंगापूजन की विधि पूरी की. पूजन विधि पूर्ण होने के नदी का जल 108 कलशो में भरा गया. इसके बाद धूमधाम से इसे निज मंदिर लाया गया.

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