ऑनलाइन ठगी में खुलासा, अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सरगना के खातों में 1 लाख डॉलर के ट्रांजेक्शन की पुष्टि

अजमेर. फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के माध्यम से कई देशों के नागरिकों का डाटा चोरी कर उनसे ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड बिहार समस्तीपुर निवासी राहुल और उसके भाई राज के बैंक खातों में पिछले दो महीने में करीब एक लाख डॉलर के ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है. पुलिस पकड़े गए शातिर ठगों के बैंक खातोंं की डिटेल की जांच कर रही है.

उल्लेखनीय है कि आईजी बीजू जार्ज जोसफ के निर्देशन में पुलिस दलों ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के नेटवर्क से जुड़े तीन शातिरों को बिहार, महाराष्ट्र और पंजाब से गिरफ्तार किया था. इस गिरोह के पांच शातिर पहले अजमेर में ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं. रिमांड के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाली जानकारी दी है. पुलिस ने मास्टरमाइंड राहुल राज और उसके भाई राज वर्मा सहित अन्य आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल खंगाली है. इसमें खुलासा हुआ है कि अारोपियों के खातों में पिछले दो महीने के दौरान करीब एक लाख डॉलर की आवक-जावक हुई है. समस्तीपुर से पकड़ा गया आरोपी राज वर्मा ठगी की राशि अपने बैंक खाते में जमा करवा कर लेनदेन करता था. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर यह खेल कितने दिनों से चल रहा था. अजमेर में अब तक गिरोह कुल कितने लोगों से ठगी कर चुका है.

विदेशियों का डाटा कलेक्ट कर गिरोह में करते थे शेयर

एसपी के निर्देश पर केसरगंज चौकी प्रभारी राजाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने समस्ती पुर बिहार में अारोपी के घर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया था. इसी तरह पंजाब के जालंधर से पकड़े गए शातिर इकबाल सिंह पुत्र बलविंदर सिंह के बारे में पता चला कि वह गिरोह के लिए विदेशी नागरिकों के डाटा कलेक्ट कर मुहैया करवाता था. मुंबई में शीश महल इलाके में पकड़ा गया आरोपी लक्ष्मण सिंह राऊत मूल रूप से खतौना जमोई इस्ट बिहार का रहने वाला है, ठगी के नेटवर्क से वह लंबे समय से जुड़ा था. वह कनाडा व आस्ट्रेलियन नागरिकों का डाटा कलेक्ट कर गिरोह के अन्य लोगों तक पहुंचाता था. क्रिश्चियन गंज थाना प्रभारी लिखमाराम ने बताया कि आरोपियों से रिमांड के दौरान गहनता से पूछताछ की जा रही है. जांच क्लाक टावर थाना प्रभारी गोमाराम कर रहे हैं.

आठों आरोपियों ने दी कई चौंकाने वाली जानकारी

फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के माध्यम से कई देशों के नागरिकों का डाटा चोरी कर उनसे ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड बिहार समस्तीपुर निवासी राहुल और उसके भाई राज के बैंक खातों में पिछले दो महीने में करीब एक लाख डॉलर के ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है. पुलिस पकड़े गए शातिर ठगों के बैंक खातोंं की डिटेल की जांच कर रही है.

उल्लेखनीय है कि आईजी बीजू जार्ज जोसफ के निर्देशन में पुलिस दलों ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के नेटवर्क से जुड़े तीन शातिरों को बिहार, महाराष्ट्र और पंजाब से गिरफ्तार किया था. इस गिरोह के पांच शातिर पहले अजमेर में ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं. रिमांड के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाली जानकारी दी है. पुलिस ने मास्टरमाइंड राहुल राज और उसके भाई राज वर्मा सहित अन्य आरोपियों के बैंक खातों की डिटेल खंगाली है. इसमें खुलासा हुआ है कि अारोपियों के खातों में पिछले दो महीने के दौरान करीब एक लाख डॉलर की आवक-जावक हुई है. समस्तीपुर से पकड़ा गया आरोपी राज वर्मा ठगी की राशि अपने बैंक खाते में जमा करवा कर लेनदेन करता था. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर यह खेल कितने दिनों से चल रहा था. अजमेर में अब तक गिरोह कुल कितने लोगों से ठगी कर चुका है.

अब तक ये हो चुके गिरफ्तार

हरिभाऊ उपाध्याय नगर में किराए के मकान में संचालित कॉल सेंटर पर दबिश देकर गिरोह के मास्टरमाइंड बिहार समस्तीपुर निवासी राहुल राज वर्मा पुत्र शेखर वर्मा, अहमदाबाद निवासी नईमुद्दीन कुरैशी पुत्र निसार अहमद, अजमेर जवाहर नगर निवासी तेजदीप सिंह पुत्र राजेंद्र, धोला भाटा निवासी केतन कुमार पुत्र मंगल सिंह और खारी कुई निवासी रोहित कुमार जयनानी पुत्र श्याम को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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