एक ही पटरी पर आमने-सामने आई रानीखेत एक्सप्रेस व सेना की ट्रेन, लाइनमैन की तत्परता से टला बड़ा हादसा

जैसलमेर. पोकरण के गोमट से रामदेवरा रेलवे ट्रैक पर दीपावली की रात को लाइन मैन की सूझबूझ से न सिर्फ इस हादसे को रोका बल्कि ट्रेन को वापस ट्रैक पर लाकर ट्रेन के आने जाने के मार्ग को सुचारू किया. गोमट से रामदेवरा जाने वाले रेलवे ट्रैक पर दीपावली की रात्रि को 9 बजे गोमट रेलवे स्टेशन पर सेना की ट्रेन खड़ी थी.

सिग्नल मिलने के इंतजार में सेना की ट्रेन का चालक धीरे धीरे ट्रेन को आगे बढ़ाता रहा और लगभग9.15 बजे तक उसने गोमट रेलवे क्रॉसिंग को भी पार कर लिया. उसी दौरान रामदेवरा से जैसलमेर के लिए रानीखेत एक्सप्रेस आ रही. ऐसे में एक ही ट्रैक पर दोनों ट्रेनें आमने सामने आ गई. वहीं न तो रानीखेत एक्सप्रेस को सिग्नल मिला और न ही सेना की ट्रेन को. ऐसे में दोनों ट्रेनें रामदेवरा जाने वाले मार्ग पर आमने सामने आ गई.

रामदेवरा से सवारियों को लेकर रानीखेत एक्सप्रेस वाया गोमट होकर जैसलमेर जा रही थी. सवारियों से भरी ट्रेन को गोमट ट्रैक पर कोई सिग्नल नहीं मिला. जिसके कारण ट्रेन के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जमकर ट्रेन के हॉर्न बजाए. ताकि कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हो सके. इसके साथ ही उसने ट्रेन की स्पीड भी धीरे कर दी. ऐसे में एकाएक ही सेना की ट्रेन सामने आ गई. वहीं तेज हॉर्न की आवाज पाकर सेना की ट्रेन के चालक ने भी ट्रेन के ब्रेक लगा दिए.

लाइट लेकर पीछे भागा लाइन मैन

एक ही ट्रैक पर रानीखेत एक्सप्रेस और सेना की ट्रेन आमने सामने खड़ी हो गई. उसी दौरान लाइन मैन हाथ में सिग्नल लेकर लगभग एक किलोमीटर तक पीछे भागा. वहीं सेना की ट्रेन के चालक को वापस गोमट रेलवे स्टेशन लाने के लिए कहा. जिस पर सेना की ट्रेन वापस गोमट रेलवे स्टेशन पहुंची तथा रात्रि को 9.50 बजे रानीखेत एक्सप्रेस गोमट रेलवे स्टेशन पहुंची.

सड़क के दोनों ओर लग गया दो किलोमीटर जाम

एक ही ट्रैक पर दोनों रेल आने के कारण ट्रैक क्लियर करवाने और रानीखेत एक्सप्रेस को वापस गोमट रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में रेलवे कर्मचारियों को लगभग 40 मिनट से अधिक का समय लग गया. जिसके कारण 40 मिनट तक नेशनल हाइवे बंद रहा और सड़क के दोनों ओर लगभग दो किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गई.

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