गौवंश बचाने को गाय से सुअर मरवाने की परंपरा अब ज्यादातर इलाकों में हो रही खत्म

हमीरपुर, 09 नवम्बर (उदयपुर किरण). उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में मुगल कालीन समय में गौवंश बचाने को गाय से सुअर मरवाने की शुरू हुई परम्परा अब दम तोड़ रही है. सबसे बड़ी आबादी वाले सुमेरपुर क्षेत्र में यह परम्परा तो विलुप्त हो गयी है लेकिन कई स्थानों पर अभी भी दिवाली पर्व के दूज के दिन गाय से सुअर मरवाने की परम्परा कायम है.

जिले के सुमेरपुर क्षेत्र के कई बुजुर्गों ने बताया कि मुगल काल के दौरान गौवंश को संरक्षित रखने के मकसद से गाय एवं सुअर को लड़ाने की परम्परा का आगाज किया गया था. यह परम्परा दिवाली पर्व पर भैया दूज को गांव-गांव होती थी लेकिन अब यह परम्परा विलुप्त हो गयी है. पशु प्रेमियों की पहल पर इसको पशु क्रूरता के तहत माना गया है और इसके विरोध के कारण ही धीरे-धीरे इस परम्परा को समाप्त कर दिया गया है. हमीरपुर जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में यह परम्परा पूरी तरह से विलुप्त हो गयी है लेकिन अपवाद स्वरूप जनपद के कई इलाकों में अभी भी यह परम्परा चल रही है.

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