केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

ऋषिकेश, 09नवम्बर (उदयपुर किरण). श्री केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज के अवसर पर शुक्रवार सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए दर्शनार्थियों के लिए विधिविधानपूर्वक बंद कर दिए गए. शुक्रवार को प्रात: 2 बजे से समाधि पूजा की प्रक्रिया शुरू हो गई थी और निर्धारित समय पर कपाट बंद कर पंचमुखी डोली ने मंदिर से प्रस्थान किया. श्री केदारनाथ भगवान के द्वारपाल भकुंड भैरवनाथ जी के कपाट 6 नवंबर को बंद हो गए थे.

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि इस यात्रा वर्ष 2018 में श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने तक 7,32,241 रिकार्ड तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए. समिति के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि कपाट बंद होने के पश्चात सेना के जेकलाई रेजीमेंट के बैंड की धुनों के साथ समारोह पूर्वक भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली रात्रि विश्राम को रामपुर के लिए रवाना हुई. उन्होंने बताया कि 10 नवंबर को डोली विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी रात्रि विश्राम करेगी. 11 नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में स्थापित हो जाएगी. इसी के साथ ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जाएंगी. कपाट बंद होने के अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के निवर्तमान सदस्य शिव सिंह रावत, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, गोपाल सिंह चौहान, पुलिस उपाधीक्षक अभय कुमार सिंह, चौकी प्रभारी विपिन चंद्र पाठक सहित मंदिर समिति सहायक अभियंता गिरीश देवली, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़, विदेश शैव, देवानंद गैरोला आदि मौजूद रहे.

डोली यात्रा के साथ अधिशासी अभियंता आशुतोष शुक्ला, लेखाकार आरसी तिवारी, मनोज शुक्ला, पुजारी टी.गंगाधर लिंग, मंदिर सुपरवाइजर/प्र.अ. यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक अरविंद शुक्ला, डोली प्रभारी प्रदीप सेमवाल, लोकेन्द्र रिवाड़ी, प्रधान धर्माधिकारी वेदपाठी ओंकार शुक्ला, यशोधर मैठाणी, स्वयंवर सेमवाल, पुष्कर रावत, पारेश्वर त्रिवेदी, ललित त्रिवेदी, मृत्युंजय, कैलाश जमलोकी, अखिलेश शुक्ला, संजय तिवारी, उमेश शुक्ला, राकेश डिमरी समेत बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित एवं श्रद्धालु मौजूद रहे.

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