राजीव कुमार कोलकाता पहुंचे, कुणाल घोष ने मांगी सुरक्षा

कोलकाता, 13 फरवरी (उदयपुर किरण). अरबों रुपये के चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार लगातार पांच दिनों तक सीबीआई पूछताछ का सामना करने के बाद आखिरकार बुधवार शाम कोलकाता लौट आए हैं. वे दमदम हवाई अड्डे पर शाम 5:30 बजे उतरे. यहां उन्हें लेने के लिए कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (मुख्यालय) सुप्रतिम सरकार और संयुक्त आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी पहुंचे हुए थे.

उधर उनके साथ शिलांग गए कोलकाता पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स के उपायुक्त मुरलीधर शर्मा और डीसी साउथ जावेद समीम उनके साथ लौटे हैं. एयरपोर्ट पर मीडिया के कैमरे से बचते हुए राजीव कुमार सीधे आवास के लिए रवाना हो गए. मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब उन्होंने नहीं दिया, वहीं राजीव कुमार के कोलकाता पहुंचने से पहले कुणाल घोष ने सुरक्षा की मांग के लिए न्यायालय में अर्जी दी है. बारासात कोर्ट में बुधवार को सारदा मामले की सुनवाई थी.

इस दौरान सारदा प्रमुख सुदीप्त सेन की महिला सहयोगी देवयानी बनर्जी पहुंची हुई थी और कुणाल घोष भी हाजिर थे. देवयानी से लाल डायरी के बारे में सवाल पूछा गया, जिसे कोलकाता पुलिस आयुक्त ने कथित तौर पर गायब कर दिया है, लेकिन उन्होंने कुछ भी जवाब नहीं दिया. इधर घोष ने न्यायालय से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है. मीडिया से बात करते हुए कुणाल घोष ने बताया कि चिटफंड मामले में पहले जो जांच चल रही थी, वह दूसरी बात है.

अब सीबीआई की शिलांग में हुई पूछताछ में कई प्रभावशाली लोगों का नाम सामने आया है. अब ऐसा नहीं है कि लोग केवल धमकी देकर छोड़ देंगे बल्कि सीधे गोली भी मार सकते हैं. इसलिए मैंने अपनी सुरक्षा की अर्जी दी है. फिलहाल, चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से गत शनिवार को शिलांग सीबीआई दफ्तर में शुरू हुई पूछताछ आखिरकार बुधवार को यानी पांचवें दिन पूरी हुई. दोपहर 12:30 बजे के करीब राजीव कुमार शिलांग सीबीआई दफ्तर से बाहर निकले और शाम 4:00 बजे कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी.

सीबीआई सूत्र बताते हैं कि उनसे पहले दौर की पूछताछ पूरी हुई है. आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दोबारा तलब किया जाएगा. विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि राजीव कुमार ने सीबीआई को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने आश्वस्त किया है कि 18 फरवरी के बाद सीबीआई जब भी उन्हें बुलाएगी, वह जरूर पूछताछ में शामिल होने के लिए आएंगे. इसके बाद ही उन्हें कोलकाता लौटने की अनुमति दी गई है. गत 9 फरवरी से उनसे लगातार पूछताछ चल रही थी. पहले दिन 10 घंटे की पूछताछ हुई थी, दूसरे दिन 12 घंटे की, तीसरे दिन 10 घंटे की, चौथे दिन 11 घंटे की और पांचवें दिन यानि बुधवार को उनसे करीब ढाई घंटे सवाल जवाब किए गए हैं.

इस बारे में पूछने पर नाम नहीं छापने की शर्त पर सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि जब भी पूछताछ के लिए उन्हें दोबारा समन भेजा जाएगा, वे हाजिर होंगे. राजीव कुमार ने लिखित तौर पर इस का आश्वासन दिया है. उसके बाद उन्हें कोलकाता लौटने की अनुमति दी गई है. सीबीआई के अनुसार, राजीव कुमार से आवश्यकता पड़ने पर 18 फरवरी के बाद एक बार फिर शिलांग के ही सीबीआई दफ्तर में पूछताछ की जा सकती है. तब तक सीबीआई सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर सारदा प्रमुख सुदीप्त सेन और उनकी महिला सहयोगी देवयानी को भी हिरासत में लिया जाएगा.

जांच एजेंसी की कोशिश है कि इस मामले में सभी तथ्यों पर से पर्दा हटाने के लिए राजीव कुमार को सारदा प्रमुख और उनकी सहयोगी के साथ बैठाकर पूछताछ की जाएगी. फिलहाल, राजीव कुमार ने जांच अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर आश्वस्त किया है कि 18 फरवरी के बाद पूछताछ के लिए जब भी बुलाया जाएगा, वे आएंगे. लगातार पांच दिनों से चल रही पूछताछ के बीच राजीव कुमार ने चिट्ठी लिखकर दावा किया था कि सीबीआई अधिकारियों के साथ कोलकाता में हुई बदसलूकी और हाथापाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायालय की अवमानना की रिपोर्ट उन्हें 18 फरवरी से पहले दाखिल करनी है. इसलिए उन्हें छुट्टी दी जानी चाहिए. इसके बाद ही सीबीआई ने उन्हें कोलकाता लौटने की अनुमति दी है. गौरतलब है कि गत तीन फरवरी को सीबीआई की एक टीम कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर पहुंची थी.

टीम को घर में नहीं घुसने दिया गया और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था. इधर इस मामले को राजनीतिक रंग देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर सीबीआई कार्रवाई कर रही है और धर्मतल्ला के मेट्रो चैनल पर तीन फरवरी की रात से ही जाकर धरने पर बैठ गई थीं और तीन दिन बैठी रहीं. दूसरे दिन यानी चार फरवरी सोमवार को जांच एजेंसी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर तत्काल सुनवाई की मांग की गई, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को इस पर सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने निर्देश दिया कि सीबीआई के बुलावे पर राजीव कुमार को शिलांग स्थित दफ्तर में पूछताछ के लिए जाना पड़ेगा. इसके साथ ही न्यायमूर्ति ने यह भी स्पष्ट किया था कि कुमार को पूछताछ में विश्वसनीय तरीके से सहयोग भी करना होगा. उनके साथ किसी भी तरह की सख्ती नहीं बरतने अथवा गिरफ्तार नहीं करने का निर्देश भी न्यायालय ने सीबीआई को दिया है. इसके अनुसार सीबीआई ने उन्हें शिलांग दफ्तर में गत 9 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया था. उस दिन से लेकर आज तक लगातार उनसे पूछताछ हुई है.

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