बजट को खोखला बताने वालों की आर्थिक समझ खोखली हैः सुशील मोदी

पटना.उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि बिहार की एनडीए सरकार ने इतना शानदार वित्तीय प्रबंधन किया कि 2017-18 में विकास दर 2 फीसद बढ़ी. देश के कई राज्य हमारी अर्थव्यवस्था को फॉलो कर रहे हैं. स्वागत करने की बजाय ईर्ष्यालु, भ्रष्टाचार समर्थक और अविश्वासनीय पार्टियां बजट का विरोध कर रही हैं. इसे खोखला बताने वालों की आर्थिक समझ खोखली है लेकिन उनका दिवालियापन दूर करने के लिए सरकार कुछ नहीं कर सकती.
सुशील मोदी ने कहा कि वित्तीय साल 2019-20 में 24 हजार 420 करोड़ रुपए का ऋण देने का प्रावधान किया गया है. केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है. 34 हजार 798 करोड़ रुपए शिक्षा पर, लगभग 18 हजार करोड़ रुपए सड़कों पर और ग्रामीण विकास पर 15 हजार 669 करोड़ खर्च किए जांएंगे. राज्य के सभी गांवों में समय से पहले बिजली पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि बिहार लालटेन युग से मुक्ति का जश्न मनाने वाला देश का आठवां राज्य बन गया है. लालटेन युग के लोगों को यह अच्छा कैसे लगेगा?
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2004-05 के बजट से आठ गुणा ज्यादा धनराशि के इस बजट में पूंजीगत व्यय पर 45 हजार 270 हजार करोड़ खर्च होंगे. वेतन पेंशन पर भी सरकार का ध्यान है जिसमें संविदाकर्मी भी शामिल हैं. बिहार की खुदरा महंगाई दर 2.7 पर नियंत्रित है. विरोधियों से महंगाई का मुद्दा छिन गया और जनता को सामान वाजिब दाम पर मिल रहे हैं.
सुशील मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार में बिहार का राजकोषीय घाटा लगातार तीन फीसदी से कम रहा. इस साल आर्थिक और सामाजिक सुधार के लिए उसी बिहार को 11 अलग-अलग पुरस्कार मिले, जिसे 15 साल के लालू-राबड़ी राज में बीमारु और पिछड़ा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी. उन्होंने कहा कि बिहार का यह बढ़ता सम्मान उन लोगों को अच्छा कैसे लगेगा जो रोज चुनिंदा चुनिंदा घटनाओं पर छाती पीट कर राज्य को बदनाम करने में लगे हैं?

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