पिपलांत्री व नवग्रह आश्रम मिलकर औषधीय पौधों का सरंक्षण कर रूग्ण मानव सेवा कार्य करेंगे

भीलवाड़ा, 14 फरवरी (उदयपुर किरण). देश व दुनिया के नक्शे पर पर्यावरण सरंक्षण व जल सरंक्षण की दिशा में ख्याति प्राप्त प्रदेश का स्वर्ग कहलाने वाला पिपलांत्री माॅडल अब भीलवाड़ा जिले के श्रीनवग्रह आश्रम सेवा संस्थान के साथ मिलकर आयुर्वेद औषधीय पौधों का उपयोग मानव सेवा के कार्य में करेगा. पिपलांत्री में औषधीय पौधों की तो भरमार है पर अब तक वहां के लोगों को इसके वास्तविक उपयोग की जानकारी के अभाव में उनका उपयोग नहीं हो पा रहा था अब नवग्रह आश्रम वहां के औषधीय पौधों का उपयोग आश्रम की ओर से रोगियों के उपचार के लिए उपयोग में लेगा साथ ही पिपलांत्री में अब लगाये जाने वाले पौधे सभी प्रकार के औषधीय पौधे ही होगें ताकि देश भर में उनका मानव सेवा के पुनित कार्य में इसका उपयोग किया जायेगा. इस आशय का नैतिक समझौता पिपलांत्री माॅडल के प्रणेता श्यामसुंदर पालीवाल व नवग्रह आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी ने किया है. आज पिपलांत्री सरकार की ओर से शैक्षणिक भ्रमण के लिए मान्यता प्राप्त केंद्र बना है.

नवग्रह आश्रम के संस्थापक हंसराज चौधरी की अगुवाई में एक दल ने चरागाह विकास के माॅडल पिपलांत्री का दौरा कर वहां पहाड़ी क्षेत्र में पालीवाल की अगुवाई में कराये गये पौधरोपण के कार्य को देखा और इसे देश की धरोहर बताते हुए इसका अधिकाधिक मानव जाति की सेवा के लिए प्रस्ताव दिया. पिपलांत्री माॅडल आज देश व दुनियां के नक्शे में इतना ख्याति अर्जित कर चुका है कि कई सामाजिक संगठन व सरकारों की ओर से उसका अध्ययन कर वहां के जल संरक्षण, पौध सरंक्षण व कन्या निधि योजना सहित अन्य योजनाओं को आत्मसात करने पर आमादा है. नवग्रह आश्रम ने भी पहल करके अब वहां के औषधीय पौधों का उपयोग नवग्रह आश्रम में आने वाले रोगियों की सेवा के लिए करेगा. इससे पिपलांत्री को रोजगार के भी स्त्रोत मिलेगें. नवग्रह आश्रम पिपलांत्री में अब लगाये जाने वाले पोधों में औषधीय पौधों को ही रोपित करायेगा तथा पूर्व के पौधों को भी सरंक्षित करने के लिए योजना तैयार करेगा. दोनो प्रमुख संस्थानों के पदाधिकारियों के मध्य हुई वार्ता के अनुसार अब दोनो संस्थान मिलकर इस दिशा में कार्य कर देश में नया मुकाम हासिंल करेगें. पालीवाल के प्रयासों से आज वहां प्रदेश की पहली कंप्यूटराईज्ड पंचायत है.

ग्राम स्वराज के सपने को लेकर चलने वाले पिपलांत्री माॅडल के प्रणेता श्यामसुंदर पालीवाल ने बताया कि नवग्रह आश्रम के बारे में सुना तो काफी था पर आज इस बात का भी अहसास हुआ कि कुआं प्यासे के पास चलकर भी आ सकता है. हमारे जनून के कारण आज पिपलांत्री को हम मानस पटल पर तो ले आये पर हमें इस बात का अहसास तनिक भी नहीं था कि हमारे लगाये गये पौधे मानव सेवा के काम में भी आ सकते है. पिपलांत्री में जल संरक्षण व पौध सरंक्षण के कार्य भले ही देश में माॅडल के रूप में कार्य कर रहे है, हम पिछले 15 वर्षो से यह कार्य कर रहे है, 15 वर्ष की तपस्या का फल हमें अब मिलेगा जब यहां के औषधीय पोधों का उपयोग नवग्रह आश्रम की ओर से रूग्ण मानवता की सेवा में काम आयेगा. इसके साथ ही नवग्रह आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी ने औषधीय पौधों के बारे में यहां के लोगों को जागरूक कर उनको रोजरोन्मुखी बनाने की दिशा में बताये कार्य भी पिपलांत्री माॅडल के लिए मील का पत्थर साबित होगें. इसके अलावा आश्रम की ओर से यहां के लोगों को रोगों के उपचार के लिए भी आश्रम की ओर से माकूल बंदोबश्त किये गये है. इसके तहत यहां के युवाओं को प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा. पालीवाल ने बताया कि आज प्रदेश की 9800 पंचायतों में पिपलांत्री की तरह सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हो रखा है. इस भूमि का औषधीय पौधे लगाये जाकर उनका न केवल मानव सेवा के लिए उपयोग हो सकता है वरन वहां के लोगों को रोजगार से जोड़कर स्वालंबी भी बनाया जा सकता है.

नवग्रह आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी ने बताया कि पिपलांत्री माॅडल आज देश व दूनियां में सलाम के काबिल है. यहां के रमणिक दृश्य व माॅडल के कार्यो को देखकर वो रोमांिचत है. उनके मन में रूग्ण मानवता की सेवा करने का जज्बा है. इसलिए वा ेअब पिपलांत्री माॅडल के साथ मिलकर न केवल वहां पर पौध सरंक्षण का कार्य करेगें वरन वहां के लोगों को औषधीय पौधों के बारे में लोगों को जागरूक कर उनको भी मानव सेवा के लिए तैयार करेगें. पिपलांत्री के लोगों को आश्रम की औषधी से लाभान्वित करने के लिए यहां भी आश्रम की सेवा प्रांरभ की जायेगी.

उन्होंने बताया कि पिपलांत्री में औषधीय पौधों की भरमार तो है पर वहां के लोगों को इसकी जानकारी अब तक नहीं है कि उनका क्या उपयोग हो सकता है. इसका सही उपयोग उनको बताने के साथ प्रशिक्षण उपरांत वहां से मिलने वाली इस प्रकार की औषधी से वहां के लोग रोजगरान्मुखी भी हो सकेगें. पिपलांत्री माॅडल व नवग्रह आश्रम के इस संयुक्त दौरे में आश्रम की ओर से मूलचन्द पेसवानी, पिपलांत्री जलग्रहण कमेटी के सचिव भंवरसिंह सिसोदिया, खुमानसिंह, कला पालीवाल, वहां के प्रधानाचार्य रोहिताश्व कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल पालीवाल आदि मौजूद रहे.

उल्लेखनीय है कि पिपलांत्री माॅडल व नवग्रह आश्रम अपने अपने विषय में अब तक देश की ख्याति को बढ़ाने के लिए अलग अलग प्रयास कर रही थी पर आज से संयुक्त उपक्रम के तहत ही दोनो संस्थानों में विजिट करने के लिए आने वाले देश व दुनियां के प्रबुद्व लोगों, सरकारी व गैर सरकारी प्रतिनिधियों के साथ सामाजिक संगठनों को देश की ख्याति बढ़ाने के लिए न केवल साहित्य मुहैया कराया जायेगा वरन एक दूसरे का पूरक बनकर जानकारियों का आदान प्रदान करने के अलावा प्रतिनिधि मंडलों को दोनो स्थानों पर भ्रमण कराया जायेगा.

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