गिरफ्तारी देने में नजर आया भाजपा कार्यकर्ताओं का उल्लास, नारे लगाते चढ़े बसों में

उदयपुर, 08 फरवरी (उदयपुर किरण). ‘ये दीवाने कहां चले, जेल चले भई जेल चले’ इस नारे को जोशीले अंदाज में लगाते हुए सैकड़ों भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को उदयपुर में गिरफ्तारी दी. राजस्थान की कांग्रेस सरकार के चुनावी घोषणाओं में शामिल किसान ऋण माफी योजना को थोथा बताते हुए दोपहर में भाजपा ने रैली निकाली और जिला कलक्ट्रेट पर सभा के बाद गिरफ्तारी दी. कार्यकर्ताओं के जोश का आलम यह था कि पुलिस-प्रशासन की ओर से मंगवाई गई बसें कम पड़ गईं, ऐसे में पुलिस बल की बसों को काम में लिया गया और कुछ बसों के फेरे पुन: कराए गए. करीब 36 बसों की जरूरत पड़ी.

इससे पूर्व, दोपहर साढ़े बारह बजे करीब उदयपुर के टाउन हॉल से भाजपा की रैली निकली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई जिला कलक्ट्रेट पहुंची. वहां सभा को संबोधित करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कांग्रेस सरकार पर करारे प्रहार किए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब सितम्बर-अक्टूबर में भाजपा सरकार ने किसानों के 50 हजार तक के कर्जे माफ कर दिए थे, तो अब कौन से सर्टीफिकेट बांटे जा रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के बेरोजगारी भत्ते की घोषणा को भी थोथी बताया और कहा कि इससे बेरोजगारों को कोई फायदा नहीं होने वाला. केन्द्र में प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल खड़े करने वाले राहुल गांधी पर भी कटारिया ने मोर्चा खोला और कहा कि यह परिवार कई घोटालों में जमानत पर है. इतने साल देश पर राज कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर आज मोदी सरकार पर झूठे आरोप मढ़ रहा है.

सभा को मावली विधायक धर्मनारायण जोशी सहित जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा विधायकों ने संबोधित किया. इसके बाद गिरफ्तारी का दौर शुरू हुआ. बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसान महिला-पुरुषों सहित भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी गिरफ्तारी दी. बसें कम पडऩे पर वरिष्ठ भाजपा नेता युधिष्ठिर कुमावत ने पुलिस-प्रशासन को चेतावनी तक दे दी कि यदि गिरफ्तारी में देरी की गई तो कलक्ट्रेट परिसर में घुसकर प्रदर्शन किया जाएगा और वहां पर गिरफ्तारी दी जाएगी. इस दौरान कुछ देर कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट के गेट पर प्रदर्शन भी किया. हालांकि, कुछ ही देर में बसों की व्यवस्था हो गई. कटारिया ने सबसे अंत में शहरी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दी.

प्रशासन ने 24 बसों की व्यवस्था की थी, इसके बाद पुलिस बल के लिए लगाई गई गाडिय़ों को भी काम मेें लिया गया और कुछ बसों को पुन: बुलाया गया. कुल 36 बसें काम में आईं. पुलिस के अनुसार सभी को 129 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तार कर रिहा किया गया. सभी को पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ा गया.

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